चिट्ठी:-BY Priyanka Agarwal

 चिट्ठी

तुझे शायद लगता होगा ना मैं तुझे याद नहीं करता हूँ क्यों कि मैं तेरी माँ की तरह तुझे दिन में तीन चार बार फ़ोन नहीं करता हूँ।हाँ कभी कभार जब फ़ोन करता भी हूँ तो ज्यादा बात नहीं कर पाता हूँ।तू ठीक है इससे ज्यादा सवाल नहीं पूछ पाता हूँ।पर कहना तो मैं भी बहुत कुछ चाहता हूँ। इसलिए सोचा जो बात कही नहीं जा सकती लिखी तो जा सकती है।हमारे जमाने की तरह तुझे चिट्ठी लिख रहा हूँ।लाडो तेरी माँ की तरह याद तो मुझे भी तेरी बहुत सताती है।वो कभी तेरा दोस्त बनकर व्हाट्सअप और फेसबुक पर उंगलिया चलाना सिखाना,कभी सेल्फी के लिए अजीब अजीब मुँह बनवाना,कभी दवाई के किये माँ बनकर डाँट लगाना,कभी छोटी सी बात पर बच्चों की तरह ज़िद पर अड़ जाना,लाडो यहाँ सबके पास डिग्रीयां है फिर भी मेरे लिए सब अनपढ़ के समान है क्योंकि यहाँ तेरी तरह बिना बोले मेरा चेहरा पढ़ने का हुनर किसी को नहीं आता,अब बिन कहे कोई मेरी परेशानियां नहीं समझता।सबको लगता है मैं उम्र के साथ चिड़चिड़ा हो गया हूँ, मेरा स्वभाव गरम है क्योंकि कोई भी तेरी तरह मेरी मन कि शीतलता नहीं छू पाता है।तेरा अब मेरे पास न होना मुझे भी बहुत खलता है,मिलने को तुझसे दिल मेरा भी मचलता है।जब तू थी तो ये घर बगिया सा महकता था,तू चिड़िया बन हम सब के इर्द गिर्द चहकती रहती थी।तू थी तो त्यौहारों में रौनक बढ़ जाती थी,जब तू खिलकर हँसती थी तो इस घर मे खुशियां छा जाती थी।कब तेरे नन्हें नन्हें कदमों की पायल की छमछम, जिम्मेदारियों की थाप में बदल गयी पता ही नहीं चला।मेरी सोन चिरिया तेरी याद में तेरे पापा भी छुप छुप के कई बार रोया करते है,कुछ रातें तो तेरी तस्वीर को अपने फ़ोन में देखते हुए,गले लगाकर बिना नींद के भी सोया करते है।तू मेरे कलेजे का टुकड़ा है लाडो और तेरे पापा तुझसे बहुत प्यार करते है।तू जहाँ रहे हमेशा खुश रहे दिन रात बस यही दुआ करते है।तेरे पापा अभी भी कई बार काजुकतली लाया करते है,बस तुझे ही नहीं खिला पाते,इसलिए खत के साथ वो भी भिजवाई है खा लेना। पर इंतज़ार है तेरा जल्दी घर आजा, तुझे अपने सामने बच्चों की तरह खाते हुए देखना है मुझे। अरे अरे ये क्या लाडो आँख में आंसू, तू भी क्या तेरी माँ की तरह बात बात पर रोने लगी है। रोयीं तो तेरी काजुकतली भैया को दे दूंगा, याद है ना इसी से हंसाया करता था तुझे, अब हंसी आयी के नहीं मेरी लाडो,अब बस इतना ही लिखूँगा तेरी जासूस माँ आ रही है अब तू भी नहीं है यहाँ कौन बचाएगा मुझे उसके.

BY Priyanka Agarwal

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