मेरे शब्दों का अस्तित्व By Gaurav Gandhi ||Shabdon Ka Astitva || शब्दों का अस्तित्व ||मेरे शब्द - मेरा अस्तित्त्व ...उसके अस्तित्व को दिया अपने ... || Hindi Kavita #writers

 "मेरे शब्दों का अस्तित्व"


मेरे शब्दों के अस्तितव में उनका हाथ बहुत है,

एक पूर्णविराम लगाने को उनका साथ बहुत है,

अजीब सा किस्सा है इन कविताओं के सफर का भी,

लिखने को आलिंगन नहीं,उनकी एक झलक पर्याप्त बहुत है,

मेरे शब्दों के...

लिख लिख कर मिटाना अब तो आदत सी बन गयी है,

शब्द लड़ रहे ,की उनके लिए वो सहादत सी बन गयी है,

उनकी प्रशंसा में शामिल शब्द बाकियों को चिड़ाते हैं,

कुछ भी लिख दूं, फिर भी ये शब्द कम पड़ जाते हैं,


कहते हैं खूबसूरत है लिखावट,मेरे ओछे शब्दों में बात बहुत है,

मेरे शब्दों के अस्तितव में उनका हाथ बहुत है....

 By - Gaurav Gandhi

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