भारत माँ By Anand raj || Bharat maa ke amar saputon || भारत मेरी माँ || पूछ रही है भारत माँ ,ये कैसी है ||HindiKavita#writers




 भारत माँ 


ज़िंदगी फूलों का सेज नहीं

संघर्ष का मैदान है 

सही कहूं तो ये एक प्रार्थना

नहीं ये तो वरदान है 

इसी से देश की आबरू है

इसी से तो देश की पहचान है

क्यूंकि ये हमारे देश की जान है


नहीं रहे तो देश वीरान है

इसी से देश की शान है

इसी का नाम गीता है

यही सब का क़ुरान है

आंतरिक अभिलाषाओं की

प्रफुल्लित बागान है

इनका कोई नाम नहीं

ये तो बेनाम है

आतंकवादिता के तूफ़ान से

नहीं भटकते इसके ध्यान है

शायद इसे भारत माँ कहते हैं

जो देश की आन बान और शान है


By- Anand raj 


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